Lets save our tiny planet
आओ अपनी धरती को तबाही से बचाए इसी वर्ष की बात करे तो देखेगे की अप्रैल से जुलाई तक इतनी भीषण गर्मी पड़ी थी कि तापमान 48 से 52 डिग्री तक नोट किया गया | छतो पर टंकियो में पानी उबल रहा था | गलती से भी कोई टॉयलेट में यदि घुस जाए तो सारा सामान फूक दे | कोई नहाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था | चलती गाडियों में आग लग रही थी| घरो में वायरिंग ,सड़े जा रही थी बिजली उपकरण बिजली की आँख मिचोनी से ख़राब हो रहा थे | कोई जरा सोचे की ये हालत क्यों हो गये |वैज्ञानिक सन 70 से पर्यावरण की दुर्दशा के बारे में चिल्लाने लगे थे आने वाले वक्त के बारे में चेताने लगे मगर सरकारे थी किअपनी राजनैतिक गर्म...