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खुदा सलामत रखे

खुदा सलामत रखे उन चेहरों को  जो आंखों को सुकून देते हैं  खुदा हिसाब करे उनका जो काबिले तारीफ की तारीफ नहीं करने देते हैं  दीपक का कोई मुकाम नहीं होता है  जहां होगा अन्धेरो से लडेगा खुमार बनंकी तो गायेगा दीये जल रहे हैं, हवा चल रही है  हवा चल रही है,दीये जल रहे हैं  नया जमाना है,नै रोशनी है  वो चाहते हैं गुलाब उनके काबू मे हो मगर खशबु तो उड रही है

ATale of Development in Jammu after becoming UT

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I have visited jammu recently after becoming UT and now elections also have been held.Govt had made a lot of development in terms of roads and buildings.Govt office buildings .decoration on walls through paintings and surrounding electric cables depict the story of efforts in the way of development in city. I had visited the city on 1995.at the time no such beautiful roads and free environment was there as is now.Not only the roads of city of Jammu but those of nearby small towns like Bahu,TD Balaji temple, Raghunath temple,Bag e bahu,Vaishno Shani DevMandir are of good quality and maintained.Bus stands needs some repair and updation whereas Railway station and Trains depolyed Vande Bhart itself are the documentary evidence of development in city. AIIMS.Central University, IIMS are the new stars added to the cap of Jammu.The work on construction of road Delhi-Katra is in progress.I have some pics of good environment and water quality of city which ma...

aa‌‍‌ aaj partham now ratra hai .sabhi ko bahut mubarka.Maha maya maha bhago maha luxmi ka ashirwad aap sabhi par bana rahe.

Lets save our tiny planet

                                                                        आओ अपनी  धरती  को तबाही से बचाए                                      इसी वर्ष की बात करे तो देखेगे की अप्रैल से जुलाई तक इतनी भीषण गर्मी पड़ी थी  कि तापमान 48 से 52 डिग्री तक नोट किया गया | छतो पर टंकियो में पानी उबल  रहा था | गलती से भी कोई टॉयलेट में यदि घुस जाए तो सारा सामान फूक दे | कोई नहाने की हिम्मत  नहीं कर पा रहा था | चलती गाडियों में आग लग रही थी| घरो में वायरिंग ,सड़े जा रही थी बिजली उपकरण  बिजली की आँख मिचोनी से ख़राब हो रहा थे | कोई जरा सोचे की ये हालत क्यों हो गये |वैज्ञानिक सन 70 से पर्यावरण की दुर्दशा के बारे में चिल्लाने लगे थे आने वाले वक्त के बारे में चेताने लगे मगर सरकारे थी किअपनी राजनैतिक गर्म...

We people and our environment

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                                                जल ,जंगल और जमीन हमारा शरीर पञ्च भौतिक तत्वों से मिलकर बना है |ये है पृथ्वी ,जल,अग्नि,वायु और आकाश |इनमे से दो तत्व जल और जमीं और तीसरा जंगल जो है वो है पोधे यानि वनस्पति|अजीब बात ये है कि तीन तत्वों में से जल और जंगल दोनों का आधार जमीं है | जमीं है तो जल  का संरक्षण संभव है | जमीं है तो वनस्पति की उत्पत्ति संभव है |जमीं यानी हमारी पृथ्वी ,सौर परिवार का सिर्फ और सिर्फ ऐसा सदस्य जिस पर जीवन संभव  है |जीवन को चलाने के लिए यक़ीनन जल और वायु की आवश्यक्ता होगी जल क्या है ,देखा जाए तो ये हवा का ही परिवर्तित रूप है हवा में होती है ,74 प्रतिशत नाइट्रोजन 21 फीसद ऑक्सीजन बाकि अन्य जैसे हाइड्रोजन , कार्बन डाइऑक्साइड ,और अपशिस्ट| हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलकर पानी बन जाता है |जब पानी जाता है जमीं में तो प्रथ्वी यानि कार्बन और  कैल्शियम मिलकर वनस्पति को पैदा करती है सघन वनस्पति को  हम जंगल कहते है |इस सारे ...

क्मश

कहते है कि लंका स्वर्ण धातु की थी ,गर्म होकर ज्यादा चमकने लगी |हनुमान इस बात पर हैरान हो गये और रावण तालिया पीट पीट कर हंसी उड़ाने लगा | तभी वहां पहले से  ही उपस्थित शनि महाराज ने अपना करिश्मा दिखाया ,जब नीली आँखों से तेज फूक देने वाली किरने निकली तो लंका जल कर भष्म हो गयी |हनुमान जी का काम शनि महाराज जी ने किया ,इस पर रावण को बहुत हैरानी हुए की ये अचानक कैसे हो गया | रावण का ज्ञान सिमित इसलिए हो गया क्योकि वो प्रत्येक  काम  में अपना ही फायदा ढूंडरहा था| घमंड में चूर था कि सभी ग्रहों को उसने बांध के रखा हुआ है जबकि कोई ग्रह उसका काबू में नहीं था |उसने भोतिक विज्ञानं में लाइट के प्रवर्तन और अपवर्तन का पथ नहीं पढ़ा था |वो इलुजन और दिलुजन के कांसेप्ट से लगता है वाकिब नहीं था| उसे किसी आदमी का मृग बनाना तो आता था परन्तु मृगमरीचिका   के गंभीर तथ्य को नहीं समझ पाया था|| इसका प्रमाण ये है कि वो समझ नहीं सकाकि रोशनी का एक मूलभूत सिधांत हैकि सकल वजूद मोजूद वास्तु की परछाई होती है ,छाया की छाया नहीं होती है |इमेज दो प्रकार की होती है ,VIRTUALIMAGE और REAL IMAGE |रावण को भरम...

हनुमान कौन है

हनुमान कौन है    रामायण के प्रमुख  पात्र हनुमान के बारे में जानना जरुरी है |हनुमान शब्द का संधिच्चेद करे तो मिलेगा ,यस्य हनु अस्ती मानः सः हनुमान |यानि बड़ी थुड़ी वाला | पुराण के अनुसार रूद्र के ग्यारहवा रूप अवतार है हनुमान |पवन पुत्र केसरी नंदन ,का क्या अर्थ है |रूद्र के तेज को पवन देवता अपनी अंजलि में लेकर आये  और केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में ज्योति स्थापना से उतपन्न हुए हनुमान | बच्चपन से ही  शूरवीर, बलशाली ,तेजवानऔर मंगल करण है|बच्चपन में भूख लगी तो सूर्य देवता को फल समझ कर खाने को दोड़ पड़े ,इन्द्र ने प्रहार किया तो ठोड़ी पर चोट लगी और हनु बढ़ गयी ,जिसके कारण हनुमान कहलाये | भक्ति और शक्ति के प्रतीक  है हनुमान | शक्ति के मामले में तो अभिशप्त थे की उनको अपना बल भी याद नहीं रहेगा, कोई याद दिलाएगा तो याद हो पायेगा की वो क्या कर सकते है |वो असीम भक्ति  के आशीर्वाद  के साथ पैदा हुए .वो परम राम भक्त थे |एक तरह से शिव साक्षात् अपने आराध्य श्री हरी विष्णु  की सहायता हेतु हनुमान के रूप में आये थे और वो जीवन पर्यंत सेवक बने रहे |     ...