We people and our environment
जल ,जंगल और जमीन
हमारा शरीर पञ्च भौतिक तत्वों से मिलकर बना है |ये है पृथ्वी ,जल,अग्नि,वायु और आकाश |इनमे से दो तत्व जल और जमीं और तीसरा जंगल जो है वो है पोधे यानि वनस्पति|अजीब बात ये है कि तीन तत्वों में से जल और जंगल दोनों का आधार जमीं है | जमीं है तो जल का संरक्षण संभव है | जमीं है तो वनस्पति की उत्पत्ति संभव है |जमीं यानी हमारी पृथ्वी ,सौर परिवार का सिर्फ और सिर्फ ऐसा सदस्य जिस पर जीवन संभव है |जीवन को चलाने के लिए यक़ीनन जल और वायु की आवश्यक्ता होगी जल क्या है ,देखा जाए तो ये हवा का ही परिवर्तित रूप है हवा में होती है ,74 प्रतिशत नाइट्रोजन 21 फीसद ऑक्सीजन बाकि अन्य जैसे हाइड्रोजन , कार्बन डाइऑक्साइड ,और अपशिस्ट| हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलकर पानी बन जाता है |जब पानी जाता है जमीं में तो प्रथ्वी यानि कार्बन और कैल्शियम मिलकर वनस्पति को पैदा करती है सघन वनस्पति को हम जंगल कहते है |इस सारे प्रकरण और परक्रिया को देखे तो पता चलता है कि तीनो तत्वों में प्रथ्वी तत्व अहम् है ,पृथ्वी है तो बाकि सब कुछ है अन्यथा कुछ नहीं ,इसलिए पृथ्वी को बचाना बहुत जरुरी है |पृथ्वी है तो हमारा जीवन है ,वर्ना कुछ नहीं ,एक और बात, ये शोभाग्य इस सौर मण्डल में तो सिर्फ पृथ्वी पर ही संभव है |इसलिए आओ हम इसे बचाने का प्रण ले |
आदि शक्ति ने शिव को जो की मात्र शव के बराबर थे उसको शिव बनाया |शिव ने ब्रह्माण्ड की संरचना के लिए ब्रह्मा जी को आदेश दिया ताकि स्वर्ग से निष्काषित आत्मा के लिए रहने का प्रबंध हो सके |\ब्रह्मा जी ने सृष्टी की रचना की | क्रमश :
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