हनुमान कौन है






हनुमान कौन है 

  रामायण के प्रमुख  पात्र हनुमान के बारे में जानना जरुरी है |हनुमान शब्द का संधिच्चेद करे तो मिलेगा ,यस्य हनु अस्ती मानः सः हनुमान |यानि बड़ी थुड़ी वाला | पुराण के अनुसार रूद्र के ग्यारहवा रूप अवतार है हनुमान |पवन पुत्र केसरी नंदन ,का क्या अर्थ है |रूद्र के तेज को पवन देवता अपनी अंजलि में लेकर आये  और केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में ज्योति स्थापना से उतपन्न हुए हनुमान | बच्चपन से ही  शूरवीर, बलशाली ,तेजवानऔर मंगल करण है|बच्चपन में भूख लगी तो सूर्य देवता को फल समझ कर खाने को दोड़ पड़े ,इन्द्र ने प्रहार किया तो ठोड़ी पर चोट लगी और हनु बढ़ गयी ,जिसके कारण हनुमान कहलाये | भक्ति और शक्ति के प्रतीक  है हनुमान | शक्ति के मामले में तो अभिशप्त थे की उनको अपना बल भी याद नहीं रहेगा, कोई याद दिलाएगा तो याद हो पायेगा की वो क्या कर सकते है |वो असीम भक्ति  के आशीर्वाद  के साथ पैदा हुए .वो परम राम भक्त थे |एक तरह से शिव साक्षात् अपने आराध्य श्री हरी विष्णु  की सहायता हेतु हनुमान के रूप में आये थे और वो जीवन पर्यंत सेवक बने रहे |

     हनुमान ज्ञान गुण सागर थे ,उन्होंने अपने  ज्ञान को शांति के कार्यो में लगाया और   ,शांति की खोज में जैसे सीता माता की खोज में अपना वर्चस्वा दिखाया ,तभी राम को हनुमान की शक्तियों का आभास हुआ |जब हनुमान ,सुग्रीव और बाली से मुलाकात हुई  तो राम को भी हनुमान की शक्तियों का अंदाजा नहीं था| हनुमान पवन यानि वायु जीवन तत्व है ,ऑक्सीजन जिससे सांसे चलती है का नियंता है |ऑक्सीजन आग को बढ़ावा देती है| जिसके चलते हनुमान ने स्वयं  जले बगैर  लंका को फूक दिया | आग की तप्त इतनी तीव्र  थी कि जब पानी फेका गया तो जल का विघटन हो गया| और जल दो भाग - ऑक्सीजन और हाइड्रोजन में टूट गया |ऑक्सीजन जलाने में सहायक है जबकि हाइड्रोजन धमाके के साथ खुद जल जाती है | लंका धमाको के साथ जल रही थी ,रावण का सारा ज्ञान तत्व जो  अहम् से लिप्त था ,चकना चूर हो गया |अग्नि  देवता से प्रार्थना भी नहीं  कर सका कि कोई रोके इसे|| यह हनुमानके राम रसायन का प्रभाव  था |राम रसायन तुहारे पासा ,सदा रहो रघुपति के दासा,का गुणगान हो रहा था |

                                                                                                                                क्रमश :





      


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